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प्रधानमंत्री ने 28 अक्टूबर 2026 को 54वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की और रेलवे, पीएम एकता मॉल तथा बल्क ड्रग पार्क सहित 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ₹16,000 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने मुख्य सचिवों से कल्याणकारी योजनाओं की हर महीने जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा करने को कहा।
प्रगति क्या है और 54वीं बैठक में क्या हुआ?
प्रगति सक्रिय शासन और समय पर क्रियान्वयन के लिए आईसीटी-आधारित, मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म है, जो परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं की बाधाएँ दूर करने के लिए केंद्र और राज्यों को साथ लाता है। 54वीं बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री ने 28 अक्टूबर 2026 को की।
| मद | विवरण |
|---|---|
| बैठक | 54वीं प्रगति |
| तिथि | 28 अक्टूबर 2026 |
| समीक्षित परियोजनाएँ | रेलवे, पीएम एकता मॉल, ड्रग पार्क |
| मूल्य | ₹16,000 करोड़ से अधिक |
| विस्तार | 31 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश |
| समीक्षा का केंद्र | समय-सीमा, समन्वय, त्वरित समाधान |
प्रगति शासन के उपकरण के रूप में कैसे काम करता है?
प्रगति ऐसा मंच है जहाँ केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी अटकी परियोजनाओं को साथ देखते हैं। प्रधानमंत्री मामले उठाते हैं, संबंधित मंत्रालय और राज्य से बाधा समझाने को कहते हैं और समयबद्ध समाधान का निर्देश देते हैं। इसका घोषित उद्देश्य परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं की बाधाएँ दूर करना और बेहतर वितरण सुनिश्चित करना है।
- मामला मंच पर सूचीबद्ध होता है
- केंद्र और राज्य देरी का कारण बताते हैं
- प्रधानमंत्री निर्देश देते हैं
- मंत्रालय और राज्य कार्रवाई करते हैं
- मामले की फिर समीक्षा होती है
54वीं बैठक में समीक्षा मुख्य रूप से समय-सीमा, एजेंसियों के बीच समन्वय और समस्याओं के समय पर समाधान पर केंद्रित रही। विद्यार्थी यह तीन-सूत्री कसौटी उद्धृत कर सकते हैं: समय, समन्वय, समाधान।
तीन प्रकार की परियोजनाओं की समीक्षा हुई: रेलवे परियोजनाएँ (अहमदाबाद स्टेशन पुनर्विकास सहित), पीएम एकता मॉल और बल्क ड्रग पार्क। प्रत्येक एक अलग राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ी है: आवागमन, स्थानीय आजीविका और दवाओं में आत्मनिर्भरता।
प्रमुख निर्देश क्या थे?
- प्रमुख रेलवे स्टेशनों को मेट्रो और अन्य नेटवर्क से जुड़े मल्टीमॉडल परिवहन केंद्र के रूप में तेजी से विकसित करें।
- पीएम एकता मॉल को पर्यटन और स्थानीय व्यवसायों से जोड़ें ताकि कारीगरों और ग्रामीण उत्पादन को बाजार मिले।
- आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के बल्क ड्रग पार्कों की समीक्षा करते हुए सक्रिय औषधीय घटकों और प्रमुख कच्चे माल के घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता दें।
- मुख्य सचिव कल्याणकारी योजनाओं की हर महीने जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा करें।
- परिव्यय के बजाय परिणामों पर ध्यान दें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक व्यय से लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार आना चाहिए। उन्होंने आकांक्षी जिला और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए बताया कि अभिसरण, नियमित निगरानी और स्थानीय जवाबदेही पिछड़े क्षेत्रों में विकास को गति देती है।
प्रधानमंत्री के कथन के अनुसार, शासन और वितरण को बेहतर बनाने के निरंतर प्रयासों से लगभग 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है।
परियोजनाओं के क्रियान्वयन में क्या मुद्दे हैं?
| कमी | प्रतिक्रिया |
|---|---|
| परियोजनाओं में देरी | मिशन मोड में बाधाएँ दूर करना |
| केंद्र-राज्य संबंध कमजोर | मजबूत समन्वय |
| कई एजेंसियाँ | स्पष्ट जवाबदेही |
| देर से निर्णय | चुनौतियों का पूर्वानुमान, समय पर निर्णय |
| लाभ न पहुँचना | मासिक जिला समीक्षा |
आधिकारिक पाठ में जोर है कि चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाया जाए, निर्णय समय पर हों और जवाबदेही तय हो। वरिष्ठ स्तर पर निगरानी का भी आग्रह किया गया।
संतुलित दृष्टि: समीक्षा मंच परियोजनाओं को आगे बढ़ा सकता है, पर वह स्थानीय क्षमता, भूमि और मंजूरी प्रक्रियाओं की जगह नहीं ले सकता जो राज्यों के नियंत्रण में हैं।
आगे की राह क्या है?
अटकी परियोजना की पहचान प्रगति पर समीक्षा जिम्मेदारी तय करना वरिष्ठ स्तर पर समाधान मासिक निगरानी
- जिला स्तर की समीक्षा को आयोजन नहीं, आदत बनाएँ।
- आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में योजनाओं के अभिसरण का उपयोग करें।
- केवल खर्च की गई राशि नहीं, बल्कि पात्र लोगों तक लाभ पहुँचने जैसे परिणामों पर नज़र रखें।
- स्टेशन पुनर्विकास को वास्तविक मल्टीमॉडल संपर्क के साथ पूरा करें।
- औषधीय कच्चे माल की घरेलू आपूर्ति विकसित करें।
उत्तर प्रदेश से संबंध क्या है?
मुख्य सचिवों और जिलाधिकारियों के बीच कल्याणकारी योजनाओं की मासिक समीक्षा हर राज्य की तरह उत्तर प्रदेश पर भी लागू होती है, इसलिए राज्य में जिला प्रशासन पर वितरण की जिम्मेदारी है। किसी भी राज्य की परियोजनाएँ प्रगति के समक्ष रखी जा सकती हैं, इसलिए उत्तर प्रदेश की रेल, बाजार और औद्योगिक परियोजनाओं की समीक्षा भी इसी मंच पर हो सकती है।
इस बैठक में समीक्षित परियोजनाओं में उत्तर प्रदेश की कोई परियोजना सूचीबद्ध नहीं है, इसलिए राज्य-विशिष्ट दावा आधिकारिक राज्य स्रोत की प्रतीक्षा करे।
मुख्य परीक्षा के उत्तर में इसका उपयोग कैसे करें
- सहकारी संघवाद: मंच केंद्र और राज्यों को एक मेज पर लाता है।
- शासन में प्रौद्योगिकी: आईसीटी-आधारित और मल्टी-मॉडल निगरानी।
- नैतिकता: परिव्यय से परिणाम और जवाबदेही की ओर बदलाव।
- मूल्यवर्धन: 54वीं बैठक 28 अक्टूबर 2026 को; प्रधानमंत्री के कथन के अनुसार लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले।
संतुलन बिंदु: प्रगति अनुवर्ती कार्रवाई को मजबूत करता है, पर स्थायी सुधार के लिए राज्य क्षमता, समय पर धन और योजनाओं पर स्थानीय स्वामित्व चाहिए।
मुख्य शब्द
- प्रगति
- सक्रिय शासन और समय पर क्रियान्वयन के लिए आईसीटी प्लेटफॉर्म
- पीएम एकता मॉल
- स्थानीय उत्पादों और शिल्प के विपणन का मॉल
- बल्क ड्रग पार्क
- औषधीय कच्चे माल के निर्माण का पार्क
- सक्रिय औषधीय घटक
- दवा का मूल घटक
- आकांक्षी जिला
- योजनाओं के अभिसरण के लिए लक्षित पिछड़ा जिला
यूपीपीएससी पाठ्यक्रम: GS-II, GS-V
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रगति क्या है?
आईसीटी-आधारित, मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म जो परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं की बाधाओं को हल करने के लिए केंद्र और राज्यों को साथ लाता है।
स्रोत: पीआईबी: प्रधानमंत्री ने 54वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की
अंतिम सत्यापन: 2026-10-30