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प्रधानमंत्री ने 28 October 2026 को एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसका आशय है कि जो राजा प्रकृति की रक्षा और उसके कल्याण के लिए काम करता है वह सुखी और समृद्ध होता है, और प्रकृति उसकी रक्षा करने वालों की आशाएं पूरी करती है।
यह खबर में क्यों है?
- पीआईबी ने 28 October 2026 को बताया कि प्रधानमंत्री ने यह श्लोक एक्स पर साझा किया।
- श्लोक सभी के कल्याण और समृद्धि के लिए प्रकृति की रक्षा और पोषण पर बल देता है।
श्लोक क्या कहता है?
| मद | विवरण |
|---|---|
| रूप | संस्कृत सुभाषित (श्लोक) |
| किसने साझा किया | प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, एक्स पर |
| तिथि | 28 October 2026 |
| विषय | प्रकृति की रक्षा और पोषण |
| संदेश | प्रकृति की रक्षा करने वाला राजा सुखी और समृद्ध होता है |
पहली पंक्ति कहती है कि प्रकृति की रक्षा करने वाला राजा सुखी होता है, अन्यथा नहीं। दूसरी पंक्ति कहती है कि जिस राजा का हित प्रकृति में निहित है, वह सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाला होता है। विज्ञप्ति का आशय है कि प्रकृति उन्हें पुरस्कृत करती है जो उसकी रक्षा करते हैं।
परीक्षा के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
श्लोक शासन को पारिस्थितिकी से जोड़ता है: शासक का सुख और समृद्धि प्रकृति की देखभाल पर निर्भर है। यह नीतिशास्त्र के पेपर (पर्यावरण के प्रति राज्य का कर्तव्य) और GS-III के पर्यावरण विषय से मेल खाता है।
यह सतत विकास, अंतर-पीढ़ीगत समता और इस विचार पर उत्तरों में सहायक है कि पर्यावरण संरक्षण सुशासन का अंग है, विकास की बाधा नहीं।
स्थैतिक संबंध क्या है?
- एक नीति-निर्देशक सिद्धांत राज्य से पर्यावरण की रक्षा और सुधार करने को कहता है।
- एक मौलिक कर्तव्य प्रत्येक नागरिक से प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करने को कहता है।
- सार्वजनिक न्यास और सतत विकास पर्यावरण कानून में प्रयुक्त सिद्धांत हैं।
उत्तर प्रदेश का पहलू क्या है?
विज्ञप्ति में यूपी का डेटा नहीं है। इसे उत्तर प्रदेश में नमामि गंगे कार्यक्रम से जोड़ें, जो नदी संरक्षण पर राज्य की कार्रवाई का उदाहरण है (GS-VI पर्यावरण)। आंकड़ों के लिए यूपी सरकार के डेटा का उपयोग करें।
परीक्षा सुझाव: ध्यान दें कि किसने क्या किया, किस तारीख को और किस मंत्रालय के अंतर्गत, क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा के तथ्य इन्हीं विवरणों से आते हैं। स्थिति के शब्द सटीक रखें और ऐसे आंकड़े या नाम न जोड़ें जो आधिकारिक विज्ञप्ति में नहीं हैं। ऊपर दिए प्रमुख शब्दों को स्थैतिक संबंध के साथ दोहराएं, क्योंकि अधिकांश प्रश्न वर्तमान तथ्य को मूल अवधारणा से जोड़ते हैं।
श्लोक छोटा है, इसलिए परीक्षा-मूल्य विषयगत है। प्रश्न पर्यावरण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों, सतत विकास की अवधारणा या प्राकृतिक संसाधनों के न्यासी के रूप में राज्य की भूमिका पर आ सकते हैं। प्रावधान तैयार करें और भारत व उत्तर प्रदेश से एक-एक उदाहरण रखें।
संभावित भ्रम
- सुभाषित एक नीति-वचन है, धर्मग्रंथ या कानून नहीं।
- एक्स पर पोस्ट नीतिगत घोषणा नहीं है।
- नीति-निर्देशक सिद्धांत प्रवर्तनीय नहीं हैं; मौलिक कर्तव्य भी सीधे प्रवर्तनीय नहीं हैं।
मुख्य शब्द
- सुभाषित
- नीति-वचन वाला संस्कृत श्लोक।
- नीति-निर्देशक सिद्धांत
- राज्य की नीति का अप्रवर्तनीय मार्गदर्शन, जिसमें पर्यावरण संरक्षण शामिल है।
- मौलिक कर्तव्य
- नागरिक का कर्तव्य, जिसमें प्राकृतिक पर्यावरण की देखभाल शामिल है।
- सतत विकास
- भावी पीढ़ियों को हानि पहुंचाए बिना वर्तमान की जरूरतें पूरी करना।
यूपीपीएससी पाठ्यक्रम: GS-III, GS-IV
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्लोक का विषय क्या है?
कल्याण और समृद्धि के लिए प्रकृति की रक्षा और पोषण।
प्रधानमंत्री ने इसे कहां साझा किया?
एक्स पर, 28 October 2026 को।
स्रोत: पीआईबी: प्रधानमंत्री ने प्रकृति की रक्षा और पोषण पर संस्कृत सुभाषित साझा किया
अंतिम सत्यापन: 2026-10-29