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राजस्व खुफिया निदेशालय ने 26 October 2026 को तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे पर 45 जीवित सरीसृपों की तस्करी की कोशिश विफल की और दो भारतीय यात्रियों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत गिरफ्तार किया गया।
यह खबर में क्यों है?
- पीआईबी (वित्त मंत्रालय) ने 28 October 2026 को बताया कि डीआरआई ने त्रिची की वायु खुफिया इकाई के साथ मिलकर जीवित सरीसृप जब्त किए।
- कोलंबो होते हुए बैंकॉक से आ रहे दो भारतीय यात्रियों को 26 October 2026 को रोका गया।
क्या जब्त हुआ?
| मद | विवरण |
|---|---|
| एजेंसी | डीआरआई, वायु खुफिया इकाई त्रिची के साथ |
| मार्ग | कोलंबो होते हुए बैंकॉक |
| पैकेट | 27 खाद्य पैकेट |
| कुल सरीसृप | 45 जीवित |
| कॉर्न स्नेक | 23 |
| बॉल पाइथन | 16 |
| अर्जेंटीना ब्लैक एंड व्हाइट टेगु | 5 |
| स्नो व्हाइट इगुआना | 1 |
| लागू कानून | सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 |
सरीसृप बेहोश अवस्था में खाद्य पैकेटों में छिपाए गए थे। दोनों यात्रियों को वायु खुफिया इकाई ने गिरफ्तार किया और जानवर जब्त कर लिए गए।
स्थैतिक संबंध क्या है?
- डीआरआई वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के अंतर्गत खुफिया शाखा है।
- वन्यजीवों का अवैध व्यापार सीमा-पार अपराध है; इसका अंतरराष्ट्रीय ढांचा साइट्स (CITES) है।
- सीमा शुल्क अधिकारी यात्रियों के सामान में प्रतिबंधित और निषिद्ध वस्तुओं की जांच करते हैं।
उत्तर प्रदेश का पहलू क्या है?
विज्ञप्ति में यूपी का डेटा नहीं है। संबंध प्रवर्तन का है: उत्तर प्रदेश में तराई के वन क्षेत्र और संरक्षित क्षेत्र हैं, और वन्यजीव अपराध नियंत्रण GS-VI के कानून-व्यवस्था और पर्यावरण का विषय है। हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क कार्रवाई की तुलना जमीनी स्तर पर वन विभाग की कार्रवाई से करें।
हवाई अड्डे पर वन्यजीव तस्करी क्यों मायने रखती है?
बॉल पाइथन और कॉर्न स्नेक जैसी प्रजातियों के जीवित सरीसृपों का विदेशी पालतू जानवरों के रूप में व्यापार होता है। तस्कर बेहोश जानवरों को खाद्य पैकेटों में छिपाते हैं ताकि सामान की जांच से बच सकें, जिससे जानवरों की जान खतरे में पड़ती है और नए आवासों में आक्रामक प्रजातियां और रोग पहुंच सकते हैं। इसलिए हवाई अड्डों पर खुफिया-आधारित जांच रक्षा की पहली पंक्ति है।
विज्ञप्ति में विशिष्ट खुफिया जानकारी, सीमा शुल्क और वायु खुफिया इकाई के साथ समन्वय का उल्लेख है, और कहा गया है कि यह मामला वन्यजीवों की अवैध आवाजाही रोकने की डीआरआई की प्रतिबद्धता दिखाता है। दोनों यात्रियों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत गिरफ्तार किया गया और जानवरों को आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया।
परीक्षा सुझाव: जब्त वस्तुओं का सटीक मिश्रण, मार्ग (कोलंबो होते हुए बैंकॉक), रोके जाने की तारीख और लागू अधिनियम याद रखें। जब्ती पर प्रश्न प्रायः एजेंसी, कानून और संख्याओं को परखते हैं, इसलिए यह तालिका ध्यान में रखें। विज्ञप्ति में कोई वन्यजीव संरक्षण कानून या संधि नहीं बताई गई है, इसलिए उन्हें केवल पृष्ठभूमि के रूप में जोड़ें।
- खुफिया सूचना से लक्षित सामान जांच होती है।
- जब्ती और गिरफ्तारी सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत होती है।
- वायु खुफिया इकाई के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहती है।
संभावित भ्रम
- डीआरआई वित्त मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है; वन विभाग वनों के भीतर वन्यजीव कानून लागू करता है।
- हवाई अड्डे पर जब्ती सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के अंतर्गत आती है।
- कॉर्न स्नेक और बॉल पाइथन विज्ञप्ति में बताई गई प्रजातियां हैं, भारत के मूल सांप नहीं।
मुख्य शब्द
- डीआरआई
- राजस्व खुफिया निदेशालय।
- एआईयू (AIU)
- सीमा शुल्क की वायु खुफिया इकाई।
- सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
- आयात, निर्यात और तस्करी अपराधों को नियंत्रित करने वाला कानून।
- साइट्स (CITES)
- वन्य प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार का नियमन करने वाली संधि।
यूपीपीएससी पाठ्यक्रम: GS-III
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कितने सरीसृप जब्त हुए?
पैंतालीस जीवित सरीसृप।
गिरफ्तारी में किस कानून का उपयोग हुआ?
सीमा शुल्क अधिनियम, 1962।
स्रोत: पीआईबी: डीआरआई ने त्रिची हवाई अड्डे पर वन्यजीव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया
अंतिम सत्यापन: 2026-10-29