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काशी तमिल संगमम 5.0 का आयोजन 28 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 तक तिरुक्कुरल विषय पर होना है; 3 नवंबर 2026 को बीएचयू, वाराणसी में उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा हुई।
काशी तमिल संगमम 5.0 चर्चा में क्यों है?
- 3 नवंबर 2026 को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी में उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता उच्च शिक्षा विभाग की सचिव श्रीमती दीप्ति गौर मुखर्जी ने की।
- पाँचवाँ संस्करण 28 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 तक "तिरुक्कुरल पयिल्वोम – तिरुक्कुरल अभ्यास करें" विषय पर होना निर्धारित है।
- KTS 5.0 के लिए वेब पोर्टल और प्रतिनिधियों के पंजीकरण का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने 22 अक्टूबर 2026 को किया था।
काशी तमिल संगमम क्या है और पाँचवें संस्करण की योजना क्या है?
काशी तमिल संगमम (KTS) तमिलनाडु और काशी के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान है। PIB के अनुसार KTS 5.0 का उद्देश्य शास्त्रीय तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल के शाश्वत नैतिक और चारित्रिक ज्ञान को देश भर के युवाओं और शिक्षार्थियों के करीब लाना है।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| तिथियाँ | 28 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 |
| विषय | तिरुक्कुरल पयिल्वोम – तिरुक्कुरल अभ्यास करें |
| तमिलनाडु से प्रतिभागी | लगभग 1,400, सात समूहों में |
| यात्रा | आठ दिन: चार दिन यात्रा, चार दिन भ्रमण |
| मार्ग के स्थान | वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या |
| तमिलनाडु के शिक्षक | 50, उत्तर प्रदेश में तिरुक्कुरल पढ़ाएँगे |
| छात्र कार्यक्रम | 1,000 उच्च शिक्षा संस्थानों के माध्यम से |
| नोडल संस्थान | तमिलनाडु के लिए आईआईटी मद्रास; काशी के लिए BHU |
समीक्षा बैठक के मुख्य तथ्य
| क्या | विवरण |
|---|---|
| अध्यक्षता | उच्च शिक्षा विभाग की सचिव |
| कहाँ | बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी |
| कब | 3 नवंबर 2026 |
| मंत्रालय | शिक्षा मंत्रालय |
| उपस्थित राज्य अधिकारी | अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा), उत्तर प्रदेश सरकार |
| चर्चा के विषय | समन्वय, रेल यात्रा, लॉजिस्टिक्स, आयोजन |
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने तैयारियों का आकलन करने के लिए नमो घाट सहित आयोजन स्थलों का भी दौरा किया।
स्थैतिक विषयों से संबंध क्या है?
- शास्त्रीय भाषाएँ और साहित्य: तिरुक्कुरल नैतिकता और आचरण पर शास्त्रीय तमिल ग्रंथ है, जो GS-IV और GS-I (संस्कृति) के लिए उपयोगी है।
- सांस्कृतिक एकीकरण: कार्यक्रम तमिलनाडु को वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या से जोड़ता है।
- संस्थाएँ: केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (CICT), चेन्नई डिजिटल पहुँच, प्रकाशनों और संस्थागत सहभागिता की अगुवाई कर रहा है।
उत्तर प्रदेश से संबंध क्या है?
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में आयोजित होगा। वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या यात्रा मार्ग हैं और BHU काशी के लिए नोडल संस्थान है। समीक्षा में उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) ने भाग लिया और जिला प्रशासन भी बैठक में शामिल एजेंसियों में था। यह GS-V में उत्तर प्रदेश की संस्कृति और प्रशासन से जुड़ता है।
संभावित भ्रम
- KTS 5.0 पहला संगमम नहीं है: यह पाँचवाँ संस्करण है।
- कार्यक्रम का विषय तिरुक्कुरल है, तमिल संगम साहित्य नहीं।
- नोडल संस्थान अलग हैं: तमिलनाडु के लिए आईआईटी मद्रास, काशी के लिए BHU।
मुख्य शब्द
- काशी तमिल संगमम (KTS)
- तमिलनाडु और काशी को जोड़ने वाला सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम।
- तिरुक्कुरल
- नैतिकता और आचरण पर शास्त्रीय तमिल ग्रंथ।
- CICT
- केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान, चेन्नई, जो KTS 5.0 की डिजिटल पहुँच की अगुवाई कर रहा है।
- नोडल संस्थान
- किसी क्षेत्र में कार्यक्रम का समन्वय करने वाला संस्थान; यहाँ आईआईटी मद्रास और BHU।
यूपीपीएससी पाठ्यक्रम: GS-I, GS-V
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
काशी तमिल संगमम 5.0 कब है?
यह 28 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 तक निर्धारित है।
यात्रा मार्ग में कौन-से शहर हैं?
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या।
अंतिम सत्यापन: 2026-11-05