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4 नवंबर 2026 को पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) मेगा कैंप-5 में भाग लिया और पेंशनभोगियों के लिए फेस ऑथेंटिकेशन को बढ़ावा दिया।
डीएलसी मेगा कैंप-5 चर्चा में क्यों है?
- 4 नवंबर 2026 को पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने प्रयागराज के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में आयोजित राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) मेगा कैंप-5 में भाग लिया।
- उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सहयोग से यह शिविर आयोजित किया।
- DoPPW के संयुक्त सचिव श्री ध्रुवज्योति सेनगुप्ता ने पेंशनभोगियों से फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने का आग्रह किया।
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र क्या है?
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र से पेंशनभोगी बार-बार बैंक या कार्यालय गए बिना यह प्रमाणित कर सकता है कि वह जीवित है। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के अनुसार फेस ऑथेंटिकेशन से पेंशनभोगी स्मार्टफोन पर आसानी से प्रमाणपत्र बना सकते हैं। राष्ट्रव्यापी डीएलसी अभियान-5 इसी सुविधा को बढ़ावा देता है। संयुक्त सचिव ने यह भी कहा कि बैंकों, सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों द्वारा जागरूकता और जनसंपर्क के प्रयास जारी रहने चाहिए, ताकि पेंशनभोगियों को समय पर सहायता मिले, और उन्होंने अधिकारियों से डिजिटल सेवाओं को अपनाने के प्रयास तेज करने को कहा। यह दौरा अभियान के माध्यम से सुलभ, सुविधाजनक और पेंशनभोगी-केंद्रित डिजिटल सेवाओं के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
मुख्य तथ्य
| क्या | विवरण |
|---|---|
| किसने | पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग |
| मंत्रालय | कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय |
| कहाँ | मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, प्रयागराज |
| आयोजक | उत्तर मध्य रेलवे का प्रयागराज मंडल, SBI के सहयोग से |
| तिथि | 4 नवंबर 2026 |
| बढ़ावा दी गई विधि | स्मार्टफोन पर फेस ऑथेंटिकेशन |
| उपस्थित अधिकारी | डीआरएम प्रयागराज, UIDAI निदेशक, उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के PCPO |
फेस ऑथेंटिकेशन से क्या लाभ होता है?
- पेंशनभोगी स्मार्टफोन पर सुविधा खोलता है
- फेस ऑथेंटिकेशन किया जाता है
- डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बन जाता है
- बैंक या कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं
- शासन: यह ई-गवर्नेंस और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने का उदाहरण है।
- पहचान: शिविर में आधार प्राधिकरण UIDAI का प्रतिनिधित्व था।
- कल्याण: संयुक्त सचिव ने बैंकों, विभागों और अन्य हितधारकों से जागरूकता के प्रयास जारी रखने को कहा, ताकि कोई पात्र पेंशनभोगी वंचित न रहे।
उत्तर प्रदेश से संबंध क्या है?
यह शिविर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ, जो उत्तर मध्य रेलवे का एक मंडल मुख्यालय है। यह दिखाता है कि पेंशन कल्याण की केंद्रीय पहल रेलवे मंडल और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के माध्यम से उत्तर प्रदेश के एक शहर तक कैसे पहुँचती है। यह GS-II (शासन) और GS-V (उत्तर प्रदेश में प्रशासन) से जुड़ता है।
संभावित भ्रम
- डीएलसी मेगा कैंप-5 एक अभियान शिविर है, कोई नई पेंशन योजना नहीं।
- DoPPW कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय का विभाग है, रेल मंत्रालय का नहीं।
- फेस ऑथेंटिकेशन प्रमाणपत्र देने की विधि है, पेंशन का विकल्प नहीं।
मुख्य शब्द
- डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC)
- पेंशनभोगी के जीवित होने का डिजिटल प्रमाण।
- DoPPW
- पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग।
- फेस ऑथेंटिकेशन
- स्मार्टफोन पर चेहरे से पहचान की जाँच।
- UIDAI
- आधार जारी करने वाला प्राधिकरण।
यूपीपीएससी पाठ्यक्रम: GS-II, GS-V
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शिविर कहाँ आयोजित हुआ?
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, प्रयागराज में।
इसका आयोजन किसने किया?
उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से।
अंतिम सत्यापन: 2026-11-05