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उपभोक्ता कार्य मंत्रालय के अनुसार भारत 26 से 28 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में विधिक माप विज्ञान की अंतरराष्ट्रीय समिति (सीआईएमएल) की 61वीं बैठक की मेजबानी कर रहा है। पहली बार भारत इस ओआईएमएल बैठक की मेजबानी कर रहा है।
यह खबर में क्यों है?
- 26 अक्टूबर 2026 को पीआईबी ने बताया कि भारत पहली बार 26 से 28 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में सीआईएमएल की 61वीं बैठक की मेजबानी कर रहा है।
- कार्यक्रम की शुरुआत विधिक माप विज्ञान में विकास पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी से हुई, जिसके बाद बैठक का पहला सत्र हुआ।
- ओआईएमएल की रणनीति कार्यशाला 27 अक्टूबर 2026 को होगी, फिर बैठक का दूसरा सत्र 28 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
मुख्य तथ्य क्या हैं?
| क्या | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | सीआईएमएल की 61वीं बैठक |
| कहाँ | नई दिल्ली |
| तिथियाँ | 26 से 28 अक्टूबर 2026 |
| उपलब्धि | भारत पहली बार इस ओआईएमएल बैठक की मेजबानी कर रहा है |
| मंत्रालय | उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण |
| भारतीय वक्ता | निधि खरे, सचिव, उपभोक्ता मामले विभाग |
| उल्लिखित भारतीय पहल | ई-माप, जीएटीसी, एक राष्ट्र एक समय, जन विश्वास सुधार |
स्थैतिक संबंध क्या है?
- सचिव ने कहा कि सटीक माप निष्पक्ष व्यापार, उपभोक्ता विश्वास, औद्योगिक नवाचार और आर्थिक विकास का आधार है।
- ओआईएमएल प्रमाणन प्रणाली में भारत को जारीकर्ता प्राधिकरण के रूप में मान्यता मिली, जो भारतीय निर्माताओं को वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचने में मदद करती है।
- राष्ट्रीय समय प्रसार परियोजना 'एक राष्ट्र, एक समय' का उद्देश्य बैंकिंग, दूरसंचार, 5जी नेटवर्क, नौवहन, डिजिटल अवसंरचना और विद्युत प्रणालियों के लिए सटीक और पता लगाने योग्य भारतीय मानक समय उपलब्ध कराना है।
- वर्ष 2023 और 2026 के जन विश्वास सुधार निर्दिष्ट अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करते हैं, सुधार संबंधी नोटिस का उपयोग करते हैं और अपराध की गंभीरता के अनुसार दंड तय करते हैं।
उत्तर प्रदेश से जुड़ा पहलू क्या है?
उत्तर प्रदेश में बाट-माप का प्रवर्तन राज्य का विधिक माप विज्ञान विभाग केंद्रीय विधिक माप विज्ञान अधिनियम और राज्य नियमों के तहत करता है, इसलिए बाज़ार निरीक्षण, पैकेटबंद वस्तुओं की जाँच और मंडियों व दुकानों में तराज़ू का सत्यापन राज्य का कार्य है। विज्ञप्ति में उत्तर प्रदेश के आँकड़े नहीं हैं, इसलिए कोई आँकड़ा नहीं दिया गया है। नई दिल्ली में चर्चित सुधार जीएस-II के शासन और उपभोक्ता संरक्षण विषयों से जुड़ते हैं।
याद रखने की युक्ति
मेट्रोलॉजी के लिए M याद रखें: Measure, Match, Market। सटीक मापें, देशों के बीच मानकों का मिलान करें और बाज़ार को निष्पक्ष रखें।
संभावित भ्रम
- विधिक माप विज्ञान सामान्य माप विज्ञान नहीं है; यह व्यापार और उपभोक्ताओं के लिए कानून द्वारा नियंत्रित माप को कवर करता है।
- सीआईएमएल और ओआईएमएल एक नहीं हैं: समिति व्यापक संगठन की संचालन संस्था है।
- विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय विधिक माप विज्ञान संस्थान रांची में है, नई दिल्ली में नहीं।
मुख्य शब्द
- विधिक माप विज्ञान
- व्यापार में प्रयुक्त बाट-माप और मापक उपकरणों के नियम और जाँच, जो उपभोक्ताओं की रक्षा करते हैं।
- ओआईएमएल
- विधिक माप विज्ञान का अंतरराष्ट्रीय संगठन, जो मापक उपकरणों के लिए वैश्विक सिफारिशें तय करता है।
- सीआईएमएल
- विधिक माप विज्ञान की अंतरराष्ट्रीय समिति, ओआईएमएल की संचालन संस्था।
- ओआईएमएल-सीएस
- ओआईएमएल प्रमाणन प्रणाली, जो देशों को एक-दूसरे के परीक्षण परिणाम स्वीकार करने में मदद करती है।
- ई-माप
- विधिक माप विज्ञान में एकीकृत डिजिटल सेवाएँ देने वाला राष्ट्रीय पोर्टल।
- जीएटीसी
- सरकार द्वारा स्वीकृत परीक्षण केंद्र, जो सत्यापन क्षमता बढ़ाते हैं।
यूपीपीएससी पाठ्यक्रम: GS-II, GS-III
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह बैठक भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत पहली बार सीआईएमएल बैठक की मेजबानी कर रहा है, जो माप के वैश्विक मानकों में उसकी बढ़ती भूमिका दर्शाता है।
स्रोत: भारत ने नई दिल्ली में विधिक माप विज्ञान की अंतरराष्ट्रीय समिति की 61वीं बैठक की मेजबानी की (पीआईबी)
अंतिम सत्यापन: 2026-10-27