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आरबीआई का नया डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान: भारत की वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा

By Dr. Shubham Bansal · 27 Oct 2026, 7:54 am IST 1 min read Share
आरबीआई का नया डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान: भारत की वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में भारतीय रिज़र्व बैंक के नवनिर्मित डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक बैंकिंग को अधिक कुशल और विश्वसनीय बनाने का होना चाहिए और बैंकिंग प्रणाली को साइबर लुटेरों व साइबर आतंकियों से बचाना होगा। उन्होंने इन सुविधाओं को सुशासन, अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने और वित्तीय समावेशन से जोड़ा।

प्रधानमंत्री ने किसका उद्घाटन किया?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में भारतीय रिज़र्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि अगले दशक में बैंकिंग अधिक कुशल और भरोसेमंद बननी चाहिए, और भारत को अपनी वित्तीय प्रणाली को साइबर लुटेरों व साइबर आतंकियों से सुरक्षित रखना होगा।

ये वक्तव्य उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त नीतिगत विचार हैं। विज्ञप्ति में दोनों सुविधाओं के उद्घाटन और शासन, वित्तीय समावेशन व साइबर सुरक्षा पर प्रधानमंत्री के विचार दर्ज हैं। इसमें किसी भी सुविधा की लागत या क्षमता नहीं दी गई है।

नीतिगत पृष्ठभूमि क्या है?

भारतीय रिज़र्व बैंक देश का केंद्रीय बैंक और बैंकों व भुगतान प्रणालियों का नियामक है। डेटा सेंटर में वे कंप्यूटिंग प्रणालियाँ होती हैं जिन पर बैंकिंग और भुगतान सेवाएँ चलती हैं, जबकि प्रशिक्षण संस्थान उनकी रक्षा के लिए कुशल लोग तैयार करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 1960 और 1970 के दशक में बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बावजूद 2014 तक आधी से अधिक आबादी बैंकिंग प्रणाली से बाहर थी। उन्होंने बीते दशक को वंचितों तक बैंकिंग पहुँचाने का और आने वाले दशक को बैंकिंग को अधिक कुशल व विश्वसनीय बनाने का दशक बताया।

  1. वित्तीय समावेशन
  2. बड़े पैमाने पर डिजिटल बैंकिंग
  3. अधिक डेटा और लेन-देन
  4. अर्थव्यवस्था के लिए साइबर जोखिम
  5. सुरक्षित डेटा सेंटर और प्रशिक्षित कार्यबल

कौन-से आँकड़े बताए गए?

प्रधानमंत्री के संबोधन और वित्त मंत्री के उल्लेख में बताए गए आँकड़े
मद बताया गया आँकड़ा संदर्भ
जन धन खाते लगभग 59 से 60 करोड़ वित्त मंत्री द्वारा उल्लिखित आँकड़ा
मुद्रा के पहली बार उद्यमी 13 करोड़ मुद्रा योजना के तहत
अटल पेंशन योजना कवरेज 9 करोड़ नागरिक इनमें ओडिशा के 38 लाख लोग शामिल
दुर्घटना बीमा प्रीमियम 20 रुपये प्रति वर्ष 2 लाख रुपये का कवर, पीएम सुरक्षा बीमा योजना
जीवन बीमा प्रीमियम 450 रुपये प्रति वर्ष से कम पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना
भुगतान किए गए बीमा दावे 25,000 करोड़ रुपये से अधिक परिवारों को वितरित
आयुष्मान आरोग्य मंदिर लगभग 1.75 लाख गाँवों में स्थापित

यह क्यों मायने रखता है?

  • साइबर खतरे बिना किसी भौतिक हमले के भी अर्थव्यवस्था को निशाना बना सकते हैं, इसलिए बैंकिंग प्रणाली को अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचना की तरह सुरक्षा चाहिए।
  • प्रशिक्षित कार्यबल नियामक और बैंकों को धोखाधड़ी, डेटा उल्लंघन और प्रणाली विफलताओं से कुशलता से निपटने में सक्षम बनाता है।
  • समर्पित डेटा सेंटर उस डिजिटल अवसंरचना को मज़बूत करता है जिस पर चौबीसों घंटे की डिजिटल बैंकिंग निर्भर है।
  • भुवनेश्वर में सुविधाओं की स्थापना संतुलित क्षेत्रीय विकास के उस उद्देश्य से मेल खाती है जिसमें पूर्वी भारत विकास का इंजन है।

मुद्दे और चुनौतियाँ क्या हैं?

  • डिजिटल बैंकिंग अब हर नागरिक तक पहुँच रही है, जिससे धोखाधड़ी और हमले का दायरा भी बढ़ता है।
  • प्रधानमंत्री के अनुसार पुराने प्रशिक्षण साधनों को आधुनिक बुनियादी ढाँचे और कुशल मानव संसाधन की ज़रूरत है।
  • पहली बार औपचारिक बैंकिंग से जुड़ रहे छोटे शहरों और ग्रामीण उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा और जागरूकता की ज़रूरत है।
  • विज्ञप्ति में सुविधाओं का परिचालन विवरण नहीं दिया गया है, इसलिए उनकी क्षमता और प्रभाव का आकलन बाकी है।

आगे की राह क्या है?

  • प्रशिक्षण संस्थान को आधुनिक बुनियादी ढाँचे से सुसज्जित करें ताकि कार्यबल साइबर सुरक्षा में कुशल बने।
  • बैंकिंग सेवाओं को अधिक कुशल और विश्वसनीय बनाने के लिए डेटा सेंटर और मज़बूत कंप्यूटिंग प्रणालियों का उपयोग करें।
  • मुद्रा, पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा, अटल पेंशन योजना और दोनों बीमा योजनाओं जैसी समावेशन योजनाओं को सुरक्षित डिजिटल पहुँच से जोड़े रखें।
  • प्रधानमंत्री के वर्णन के अनुसार ओडिशा में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और उन्नत कंप्यूटिंग के नए इकोसिस्टम बनाएँ।

उत्तर प्रदेश से जुड़ा पहलू क्या है?

विज्ञप्ति में उत्तर प्रदेश का उल्लेख नहीं है, इसलिए यहाँ राज्य का कोई आँकड़ा नहीं दिया गया है। संबंध कानून-व्यवस्था और शासन के माध्यम से है: साइबर धोखाधड़ी हर राज्य के डिजिटल भुगतान उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करती है, जिसमें बैंक खाताधारकों की बहुत बड़ी आबादी वाला उत्तर प्रदेश भी शामिल है, और राज्य पुलिस के साइबर प्रकोष्ठों, बैंकों व आरबीआई को मिलकर काम करना होगा। विज्ञप्ति में उल्लिखित जन धन खाते और अटल पेंशन योजना जैसी वित्तीय समावेशन योजनाएँ उत्तर प्रदेश के लाभार्थियों तक भी पहुँचती हैं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर में क्या उपयोग करें?

प्रस्तावना: अब युद्ध केवल हथियारों से नहीं लड़े जाते; किसी अर्थव्यवस्था को उसकी बैंकिंग प्रणाली पर हमले से कमज़ोर किया जा सकता है।

  • शासन का आधार: प्रधानमंत्री ने सुशासन को जीवन सुगमता और अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने से जोड़ा।
  • योजना प्रमाण: मुद्रा, पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा, अटल पेंशन योजना और दो बीमा योजनाओं ने औपचारिक वित्त का दायरा बढ़ाया।
  • संस्थागत प्रतिक्रिया: भुवनेश्वर में आरबीआई का डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान।

निष्कर्ष: समावेशन के बाद अब काम भरोसे का है, और सुरक्षित अवसंरचना तथा प्रशिक्षित लोग डिजिटल वित्त में भरोसे की नींव हैं।

मुख्य शब्द

साइबर सुरक्षा
कंप्यूटर प्रणालियों, नेटवर्क और डेटा को हमले या दुरुपयोग से बचाना।
डेटा सेंटर
वह सुविधा जहाँ कंप्यूटिंग प्रणालियाँ और डेटा भंडारण रखे जाते हैं।
वित्तीय समावेशन
हर नागरिक को औपचारिक बैंकिंग और ऋण प्रणाली से जोड़ना।
अंतिम व्यक्ति तक सेवा (Last-mile delivery)
शृंखला के अंतिम छोर पर खड़े नागरिक तक सेवाएँ पहुँचाना।
जन धन खाता
वित्तीय समावेशन अभियान के तहत खोला गया बुनियादी बैंक खाता।

यूपीपीएससी पाठ्यक्रम: GS-III, GS-VI

स्रोत: प्रधानमंत्री ने भुवनेश्वर में आरबीआई के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया (पीआईबी); भुवनेश्वर में आरबीआई की प्रमुख सुविधाओं के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री के संबोधन का पाठ (पीआईबी)

अंतिम सत्यापन: 2026-10-27

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Dr. Shubham Bansal

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