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प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के नेतृत्व में विशेष अभियान 6.0, सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित संदर्भ घटाने के लिए 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 25 अक्टूबर 2026 को लगभग 60 से 70 प्रतिशत प्रगति बताई, और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 26 अक्टूबर 2026 को राज्यों की प्रगति की समीक्षा की।
विशेष अभियान 6.0 क्या है?
विशेष अभियान 6.0 प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) का सरकार-व्यापी अभियान है, जिसका उद्देश्य कार्यालयों में स्वच्छता को नियमित बनाना और लंबित संदर्भ कम करना है। इसका कार्यान्वयन चरण 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलता है।
मंत्रालय प्रगति की रिपोर्ट दे रहे हैं। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय अपने लक्ष्यों के मुकाबले लगभग 60 से 70 प्रतिशत प्रगति बताता है, और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से 30 अक्टूबर 2026 तक लंबित शिकायतें निपटाने को कहा है।
नीतिगत पृष्ठभूमि क्या है?
अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना और लंबित मामलों को न्यूनतम करना है। इसमें स्वच्छता अभियान, अभिलेखों की समीक्षा, कार्यालय स्थान का बेहतर उपयोग और लंबित मामलों का निपटान शामिल है, और मंत्रालयों के साथ सार्वजनिक उपक्रम तथा स्वायत्त संस्थान भी भाग लेते हैं।
लंबित संदर्भों और शिकायतों पर सीपीग्राम्स (CPGRAMS) जैसे पोर्टल से नज़र रखी जाती है। इस तरह अभियान स्वच्छता के विषय को प्रशासनिक सुधार और नागरिक-केंद्रित शासन से जोड़ता है।
- तैयारी चरण
- 2 अक्टूबर से कार्यान्वयन चरण
- दैनिक रिपोर्टिंग और अपलोड
- लंबित मामलों का निपटान
- 31 अक्टूबर के बाद संस्कृति को बनाए रखना
मंत्रालयों की रिपोर्ट क्या दर्शाती हैं?
| मंत्रालय | गतिविधि | बताया गया आँकड़ा या तिथि |
|---|---|---|
| नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा | स्वच्छता, अभिलेख समीक्षा, ई-कचरा निपटान | लगभग 60 से 70 प्रतिशत प्रगति |
| महिला एवं बाल विकास | राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस | 26 अक्टूबर 2026, 109 अधिकारी |
| महिला एवं बाल विकास | शिकायत निवारण चौपाल और ई-चौपाल | लंबित मामले 30 अक्टूबर तक निपटाना |
| महिला एवं बाल विकास | एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम | 30 अक्टूबर 2026 |
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय सार्वजनिक उपक्रमों इरेडा और सेकी तथा तीन स्वायत्त संस्थानों एनआईएसई, एनआईडब्ल्यूई और एसएसएस-एनआईबीई के साथ काम करता है।
अभियान क्यों मायने रखता है?
- साफ और सुव्यवस्थित कार्यालय कार्य-परिस्थितियाँ और कार्यालय स्थान का उपयोग बेहतर करते हैं।
- लंबित संदर्भों और शिकायतों का निपटान जनता का भरोसा बढ़ाता है और सेवा आपूर्ति तेज़ करता है।
- पोर्टल पर दैनिक रिपोर्टिंग और अपलोड जवाबदेही को सहारा देने वाला रिकॉर्ड बनाते हैं।
- क्षेत्रीय संस्थानों और समुदायों को जोड़ना अभियान को राजधानी से आगे ले जाता है।
मुद्दे और चुनौतियाँ क्या हैं?
- 60 से 70 प्रतिशत की प्रगति दर्शाती है कि अभियान अवधि में लक्ष्यों का एक हिस्सा अभी पूरा होना बाकी है।
- समयबद्ध अभियान 31 अक्टूबर के बाद फीका पड़ सकता है, जब तक नियमित प्रयास जारी न रहें।
- निपटान की गुणवत्ता संख्या से अधिक मायने रखती है, क्योंकि समाधान के बिना बंद की गई शिकायत उद्देश्य को विफल करती है।
- केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय के लिए नियमित समीक्षा और स्पष्ट निर्देश चाहिए।
आगे की राह क्या है?
- 31 अक्टूबर 2026 तक तय लक्ष्य पूरे करें और अभियान समाप्त होने के बाद भी स्वच्छता, जवाबदेही और कार्यस्थल के कुशल प्रबंधन की संस्कृति बनाए रखें।
- शिकायत निवारण चौपाल और ई-चौपाल आयोजित करें ताकि पोषण ट्रैकर, पीएमएमवीवाई और सीपीग्राम्स पर लंबित मामले निपटें।
- कार्य का दस्तावेज़ीकरण करें और उसे मिशन पोर्टल पर अपलोड करें, तथा राज्य के सोशल मीडिया हैंडल पर दैनिक इन्फोग्राफिक्स साझा करें।
- भागीदारी को पुरस्कृत करें, जैसा सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने अपनी भाषण प्रतियोगिता से किया।
उत्तर प्रदेश से जुड़ा पहलू क्या है?
विज्ञप्ति में उत्तर प्रदेश का कोई आँकड़ा नहीं है, इसलिए कोई आँकड़ा नहीं दिया गया है। उत्तर प्रदेश के लिए सबक प्रशासनिक है: राज्य के विभाग और ज़िला कार्यालय अभिलेखों की समीक्षा, अनुपयोगी सामग्री हटाने, दैनिक रिपोर्टिंग और चौपालों के माध्यम से शिकायत निपटान की यही पद्धति अपना सकते हैं। चूँकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पोषण ट्रैकर और पीएमएमवीवाई जैसी योजनाओं पर कार्रवाई को कहा है, इसलिए उत्तर प्रदेश के विभाग भी इस अभियान में भाग लेते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर में क्या उपयोग करें?
प्रस्तावना: साफ कार्यालय और छोटी लंबित सूची उत्तरदायी शासन के पहले संकेत हैं।
- संस्था: डीएआरपीजी केंद्र स्तर पर प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायतों का नेतृत्व करता है।
- तंत्र: दैनिक रिपोर्टिंग, मिशन पोर्टल और शिकायत निवारण चौपाल व ई-चौपाल।
- मूल्य संबंध: स्वच्छता, जवाबदेही और ज़िम्मेदारी कार्यस्थल की नैतिकता के रूप में (जीएस-IV)।
निष्कर्ष: ऐसे अभियान तब सफल होते हैं जब वे आदत बन जाएँ, मापे गए निपटान और समयसीमा के बाद भी जारी नियमित प्रयास के साथ।
मुख्य शब्द
- लंबित मामले (Pendency)
- निर्णय की प्रतीक्षा में पड़े मामले, संदर्भ या शिकायतें।
- डीएआरपीजी
- प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग।
- सीपीग्राम्स (CPGRAMS)
- केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली।
- चौपाल
- सामुदायिक बैठक; यहाँ शिकायत निवारण बैठकों और ई-चौपाल के लिए प्रयुक्त।
- ई-कचरा
- दिशा-निर्देशों के तहत निपटाए जाने वाले फेंके गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण।
यूपीपीएससी पाठ्यक्रम: GS-II, GS-IV
स्रोत: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय विशेष अभियान 6 को सक्रिय रूप से लागू कर रहा है (पीआईबी); महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 की प्रगति की समीक्षा की (पीआईबी); सामाजिक न्याय मंत्रालय ने स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत तत्काल भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया (पीआईबी)
अंतिम सत्यापन: 2026-10-27
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