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सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026, 'सत्यनिष्ठा से समृद्धि' विषय के साथ 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक मनाया जा रहा है, और केंद्रीय सतर्कता आयोग ने 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक तीन माह का निवारक सतर्कता अभियान चलाने की भी सलाह दी है।
यह खबरों में क्यों है?
- सप्ताह का शुभारंभ 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के सतर्कता भवन में हुआ, जहाँ केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ए. एस. राजीव और सतर्कता आयुक्त प्रवीण वशिष्ठ ने सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।
- आयोग ने केंद्र के सभी मंत्रालयों, विभागों और संगठनों को 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक तीन माह का निवारक सतर्कता अभियान चलाने की सलाह दी।
- आयोग ने 30 अक्टूबर 2026 को 'प्रौद्योगिकी के माध्यम से परिवर्तन' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की है।
मुख्य तथ्य एक नज़र में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| क्या | सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 |
| तिथियाँ | 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 |
| विषय | सत्यनिष्ठा से समृद्धि (Integrity for Prosperity) |
| शुभारंभ | 27 अक्टूबर 2026, सुबह 11 बजे, सतर्कता भवन, नई दिल्ली |
| केंद्रीय सतर्कता आयुक्त | ए. एस. राजीव |
| सतर्कता आयुक्त | प्रवीण वशिष्ठ |
| निवारक अभियान | 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 |
| फोकस क्षेत्र | लंबित शिकायतें; लंबित मामले; क्षमता निर्माण; डिजिटल पहल; अनुबंध प्रबंधन |
| कार्यशाला | 30 अक्टूबर 2026, 'प्रौद्योगिकी के माध्यम से परिवर्तन' |
| मंत्रालय | कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन |
आयोग विभागों से क्या करने को कह रहा है?
अभियान का लक्ष्य सतर्कता प्रशासन पर सार्थक प्रभाव डालना है। विभागों से कहा गया है कि वे लंबित शिकायतों और मामलों का निपटान करें, कर्मचारियों को प्रशिक्षित करें, डिजिटल साधन अपनाएँ और अनुबंध प्रबंधन कड़ा करें, जहाँ खरीद संबंधी जोखिम अक्सर पैदा होते हैं।
यह सप्ताह जनसंपर्क का भी माध्यम है: अधिकारी सत्यनिष्ठा की शपथ लेते हैं और संगठनों में जागरूकता कार्यक्रम होते हैं। इस तरह सप्ताह और अभियान मिलकर सार्वजनिक संदेश को तीन माह के ठोस कार्य-एजेंडे से जोड़ते हैं।
स्थैतिक पाठ्यक्रम से इसका संबंध क्या है?
- सीवीसी केंद्र सरकार को सतर्कता और सार्वजनिक जीवन में शुचिता पर सलाह देता है, जो GS-II और GS-IV का नियमित विषय है।
- निवारक सतर्कता नीतिशास्त्र से जुड़ी है: प्रशासन में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही।
- डिजिटल पहल और अनुबंध प्रबंधन दिखाते हैं कि प्रौद्योगिकी और खरीद सुधार भ्रष्टाचार का जोखिम कैसे घटाते हैं।
उत्तर प्रदेश का पहलू क्या है?
केंद्रीय सतर्कता आयोग केंद्र सरकार के लिए काम करता है, उत्तर प्रदेश सरकार के लिए नहीं। विज्ञप्ति में उत्तर प्रदेश के किसी कार्यक्रम का नाम नहीं है, इसलिए कोई राज्य संबंध नहीं बताया गया। GS-V और GS-IV के लिए उपयोगी बात यह है कि राज्यों का अपना सतर्कता तंत्र है और शिकायतों के समय पर निपटान, डिजिटल सेवाओं और स्वच्छ खरीद जैसे निवारक सतर्कता के विचार उत्तर प्रदेश के विभागों पर भी लागू होते हैं।
कौन-से जोड़े आसानी से भ्रमित करते हैं?
- सीवीसी और सीबीआई एक नहीं हैं: आयोग सतर्कता की निगरानी करता है, जबकि सीबीआई जाँच करती है।
- सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलता है; निवारक अभियान 17 अगस्त से 16 नवंबर तक।
- इस वर्ष का विषय सत्यनिष्ठा से समृद्धि है, पिछले वर्षों का कोई विषय नहीं।
मुख्य शब्द
- केंद्रीय सतर्कता आयोग
- केंद्र सरकार की सर्वोच्च सत्यनिष्ठा संस्था।
- निवारक सतर्कता
- भ्रष्टाचार होने से पहले उसे रोकने के कदम।
- सत्यनिष्ठा की शपथ
- सप्ताह के दौरान अधिकारियों द्वारा ली जाने वाली ईमानदारी की शपथ।
- अनुबंध प्रबंधन
- अभियान के पाँच फोकस क्षेत्रों में से एक।
- क्षमता निर्माण
- कर्मचारियों का प्रशिक्षण, एक फोकस क्षेत्र।
- लंबित मामले
- निपटान की प्रतीक्षा में शिकायतों या मामलों का बैकलॉग।
यूपीपीएससी पाठ्यक्रम: GS-II, GS-IV
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 का विषय क्या है?
सत्यनिष्ठा से समृद्धि।
निवारक सतर्कता अभियान किन क्षेत्रों पर केंद्रित है?
लंबित शिकायतें, लंबित मामले, क्षमता निर्माण, डिजिटल पहल और अनुबंध प्रबंधन।
स्रोत: पीआईबी प्रेस विज्ञप्ति: सीवीसी ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 मनाया
अंतिम सत्यापन: 2026-10-28